: उड़ान :
जिंदगी कै संगीत में है सुरों की कमी खुशियां आज हैं तो कल जरूर होगी नमी समंदर सा सफर भी सूना होने को आया मैं अकेला हूं यह हर किसीने सिखाया अक्सर सफर में बैठ , जब सोचूं दिल की बात !! इतना बुरा था क्या में ; जो सबने छोड़ा मेरा हाथ सफर सुना सा है ,तकदीर है बदलनी क़िस्मत को बदलना है अब बारी है अपनी उड़ान भरूंगी अब , बन बाज़ सी सक्त निर्झाल है सपने मेरे पुरे करूंगी सब ।।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
