सत्य अकेला ही काफ़ी है....
अक्सर सत्य अकेला होता है 😊 और झूठ के साथ कारवां चलता है 😊 समर्थन में खड़ी भीड़ आपके सत्य होने का प्रमाण नहीं है इतिहास प्रमाण है इस बात का...... दुर्योधन, रावण, कंस के साथ सेना, सत्ता, ऐश्वर्य एवं व्यवस्था तो थी परन्तु वे सत्य के मार्ग में नहीं थे, परिणाम सब जानते हैँ. सत्य अक्सर अकेला होता है और झूठ को भीड़ का गुमान हो जाता है, तालियों की गूँज में झूठ भी सच लगने लगता है अतः जरुरत है इंसान को कि अपने रास्ते स्वविवेक, अंतरात्मा और आत्ममूल्यांकन से चुने, स्वयं निर्णय ले. सत्य आसान नहीं होता, सत्य की लड़ाई बहुत मुश्किल होती है परन्तु अंत में उसमे ही शांति है और जीत बहुत ही सुखद होती है 🙏🙏🙏💐💐💐🙏🙏🙏 # SNEHA
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
