प्राकृतिक सुकून
डालते सूरज के किनारे हाथ में हाथ डाल हम झूम उठे पक्षियों के खूबसूरत गानों के लहर पर। ना जाने कब दिल में बसी हुई प्यार की धुन जीवन के रेल पर गुनगुनाने लगे। ऐसा लगा कि हम तो अपनी ही राह भुला बैठे है जबसे रास्ता उनकी गलियों की पकड़ी।
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