ये कैसा इम्तिहान है........
महादेव, ये कैसा इम्तिहान है, दिल में प्यार है, पर साथ नहीं है… जिसे चाहा था रूह से मैंने, वो मेरी किस्मत में आज नहीं है… गिला नहीं है अब किसी से, न कोई शिकवा, न सवाल है, आपका नाम लेकर चल रही हूँ, बस आप ही मेरा ख्याल हैं… अगर वो मेरा नहीं बना, तो यकीन है कुछ बेहतर होगा, आपकी मर्जी में ही मेरी खुशी, अब यही मेरा सफर होगा…
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