कुछ कही हुई अनसुनी बातें
जब हम अपने पसंदीदा लोग से बात करते है और जब आखिरी में अलविदा कह कर चले जाते है तो कभी कभी लगता है कि कुछ ज़रूरी बातें है जो बता देनी चाहिए ,पर जब बात हो रही होती है उस वक्त वो बात दिल में रह जाती है दिमाग़ में नहीं आती। मेरे ख़्याल से जो बातें आप कहते कहते रह जाते हो, वो नहीं कह पाना सही होता है बाद में ये न लगे कि काश उस वक्त चुप ही रहते तो सही होता...। क्योंकि उस बात को अगर अनसुना कर दिया जाए, कोई तवज्जों न मिले और कोई असर न दिखे तो तकलीफ़ होती है। न समझे जाने के तकलीफ़ से मन और भी ज्यादा विचलित हो जाता है। ज़रूरी नहीं हर बात कह देने से मन हल्का हो जाए कुछ बातें दिल में ही रह जाए तो बेहतर है।। @AshutoshRkashyap
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