संघर्ष
जो संघर्षों से भाग गया उसके जीवन से राग गया। वह पल-पल पथ पर टूटेगा सौभाग्य उसी से रूठेगा। सौ- सौ विपदाएं आती हैं बुजदिल को ही तड़पाती हैं। इसलिए विपद पर वार करो सुख-दुख दोनों स्वीकार करो। भय कभी न दिल में पला करे भगवान् सभी का भला करे। अनिल मिश्र प्रहरी।
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