थोड़ा प्यार होने लगा है
क्यूँ हवाओं का रंग आज इस कदर बदलने लगा है मानों किसीने इश्क की मीठी कहानी लिखी है ... ऐसा अहसास जो यूँ हमें महसूस हुआ है शायद किसीसे हमको थोड़ा प्यार होने लगा है थोड़ा प्यार होने लगा है ... ज़ख्म सारे इस दिल के आज खुद से भर गए हैं दर्द भी कुछ होता है यह तो हम भूल गए हैं ... जीते जी हमको जो यूँ जन्नत नसीब हुई है शायद किसीसे हमको थोड़ा प्यार होने लगा है थोड़ा प्यार होने लगा है ...
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