बातों के गहराई
कभी रुककर आजमाया है तुमने हमारा यह अनोखा रिश्ता, कैसे अलग अलग रास्तों पर चलने वाले राही सालों बाद यू ही अचानक और बेवजह टकराके हमसफर बन जाते; कितनी अद्भुद सच्चाई है किस्मत के खेल में जो साथ रहकर हासिल ना हो पाया, वो जिंदगी के सफर में ऐसा लिख गया कि कोई ताकत उसे रोक ना पाई।
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