घातक प्रतिक्रिया
बॉन से निकले नोकिली तीर सा चीर कर गए वो पत्थर से फेंके शब्द मेरे नाज़ुक दिल के कमज़ोर दीवारों को; आंखों से चिंगाड़ी बही ऐसी कि लावा उभरे और देखने वाले हंसते हुए मेरे जलते शरीर के ऊपर से गुजर गए।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
