अगर तुम साथ होते तो
❤️अगर तुम साथ होते तो, इस चार दिन की जिंदगी का गुजारा हों जाता । तुम होते तो ये, डूबते को तिनके का सहारा हों जाता । अकेले भटक रहे हैं तमन्ना-ए-दिद में तुम्हारी, मेरी कश्ती को भी नसीब एक किनारा हो जाता । आधे तिहे तो सब है अपने , अगर तुम हो ते तो ,कोई अपना भी पूरे का पुरा हमारा हो जाता, अगर तुम साथ होते तो, इस चार दिन की जिंदगी का गुजारा हों जाता ।❤️
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