आसमान में लाखों तारे
आसमान में लाखों तारे लेकीन उनको कोन निहारे उगकर सारी रात चमकते मगर अंधेरा मिटा नहीं सकते, एक अकेला चंदा आके ,अपनि किरनो को फैलाकर सबकी आंखें शीतल करता सबके मन में अमृत भरता यह दुनिया है बहुत बड़ी इंसानों से भड़ी-पड़ी , हर कोई है ननहा तारा बनके चांद करो उजियाला।
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