इक खुबसुरत नगीना
खुदा की रहमत है मुझपर के आपको मेरे लिए भेजा है इतना करम तो किया है मुझपर इक खुबसुरत नगीना भेजा है.... जी करता है सनम तुम्हे देखता रहूॅं ये दिल मेरा कहता है तुम्हे चाहता रहूॅं भला ये कहते है अक्सर के तुम मेरी रजा है इतना करम तो किया है मुझपर इक खुबसुरत नगीना भेजा है... ये सासे तेरे लिये बनी है प्रीतम मेरा जीवन सजा तेरे लिये जानम भूलू कैसे तुम्हे मेरे दीदार तेरे सिवा कुछ नहीं मजा है इतना करम तो किया है मुझपर इक खुबसुरत नगीना भेजा है... धनराज नथू बाविस्कर मो.९०१६०३१७१२
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