Tum Kaafi ho
शायद वो बड़े आज़ादी से बड़े होते हैं, मगर कुछ बच्चे बिना बड़ों की सबाशी के बड़े होते हैं। और फिर मान लेते हैं कि, "मुझमें क्या कोई बात है? मेरे कहा कोई साथ है?" तो अगर तुम में से कोई भी ऐसा है ना, तो अपने दिल में छुपे उस बच्चे को समझाना, कि वो बहुत अच्छा कर रहा है। उसे बताना कि तुम्हें उस पर गर्व है। और ये भी समझाना कि माना, अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है, मगर ये कहना कि वो जैसा भी है ना, वो काफी है।
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