Truth🙂
मैं बेदर्द होकर भी तुम्हारे सारे दर्द समझता हूं। मैं बेदर्द होकर भी तुम्हारे सारे दर्द समझता हूं। कोई समझे मुझे भी मैं भी कोई ऐसा डिजर्व करता हूं। मैं इन शब्दों के सहारे ख्याल पन्नों पर उतारा करता हूं। जो बातें तुम कभी किसी से कह ना सको वह मैं महसूस करके लिखा करता हूं। "कि जिंदगी में ऐसा दौर चल रहा है। कि घर वालों को कुछ दे भी नहीं सकते और उनसे लेने में भी अजीब लग रहा है। करते तो है कोशिश पूरी पर उसका फल ना मिल रहा है। क्या करें यारों जिंदगी में ऐसा दौर चल रहा है। ऐसा दौर चल रहा है।"
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