The lady lost her loved one
थोड़ा वक्त लगेगा खुद को, खुदका कहने में, थोड़ा सब्र कर, चोट को मरहम सहने दें। सांसों की सिसकियां अभी थमी ही है, बस आंखों की बारिश, झुर्रीयों को सहने दें। थोड़ा सब्र कर चोट को मरहम सहने दें। हवा इस कदर मेहरबान हुई है कि पिछले जख्म भी उभार लाई है। रुख हमने भी बदलने की कोशिश की तो बहुत, पर शायद मोहब्बत उन्हें (ईश्वर) रास नहीं आई हैं।
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