“ The Dhyaan ”
ये बदलते समय के साथ हम भी बदल गए । यूं ढलते ढलते हम भी आगे बढ़ गए ।। कोई समझ ना पाया वक्त पर मेरी गुहार । बड़े दिल से की थी मैने पुकार ।। हर कोई रह जायेगा दंग । जब कोई जानेगा , किस्से छिड़ी थी किसकी जंग ।। अंतर्मन में समाए उस ईश्वर के अंश को जानो । अपने आप की शीतलता को पहचानो ।। करो तुम पार्थ इसके लिए ध्यान । और पालो अपना अस्तित्व , और बनाओ अपनी पहचान ।।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
