tarif likhu
तू कहे तो तेरी तारीफ में लिखूं, हर अल्फाज़ में बस तुझे अपना लिखूं। पर ये दिल-ए-तमन्ना है, तारीफ़-ए-गुलज़ार करू तो करू कैसे? तेरी तारीफ को शब्दों में बयां करू, भी तो करू कैसे.
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