superiority complex
मैं ही सर्वोच्च सर्वेसर्वा हूं मैं ही हिटलर व ट्रंप हूं मेरे इशारे से चलेगी दुनिया लूंगा मैं ही अंतिम फैसला। ये भाव पतन का द्योतक है सह-अस्तित्व पर डालता संकट है शांति को करता है सदा तार-तार डर व तनाव में उलझाए संसार। अपने अहं की प्रतिपूर्ति संतुष्टि एकमेव बस यही काम बचता है सहिष्णुता व स्वीकार्यता घटता है नित इसका तीव्रता भी बढ़ता है। एकाकी करता और रिश्ते तोड़ता है श्रेष्ठता का भाव नवीन सीख रोकता है खोखला करता है मानव को क्रोध बढ़ाता है क्षण-क्षण क्षीण करता मन को निष्ठुर बनाता है। स्व का आकलन कर पहचान करो सबको सुनो समझो स्वीकार करो निर्णयों में सबकी सहमती का ध्यान करो आत्म-मुग्धता त्याग आत्म-निर्माण करो।
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