#Suffar#
हमारा सफर तो तुम्हारे आने के बाद शुरू हुआ, तुम्हारे आने का थोड़ा थोड़ा हमे भी गुरुर हुआ। हम अपने प्यार के वो किसे बहुतों को सुनाते हैं, शाहजहां से ज्यादा हम इस मुमताज को चाहते है, अगर तुम मांंगो चाँद तारे तो, हम तुम्हारा कमरा चाँद तारो से सजादे, अगर आऐ कभी तुम्हारी आँखों में आसु तो, हम मुस्कान बनकर तुम्हे हँसा दे, आय आखरी सांस हमें कभी तो, उस सांस पर नाम तुम्हारा होगा, हमारी मौत पर आया आसु तुम्हारी आँख से, यह हमें ना गवारा होगा, तेरी चुपी को सुन आज फिर मेरा दिल पर गाव गहरा हुआ, हमारा सफर तो तुम्हारे आने के बाद शुरू हुआ.....✍️
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