sister gathaa
भले ही थी बो जरा सी कड़क । लेकिन सही दिखाती थी सड़क ।। है मां जैसी ममता उसके मन में । थोड़ा दूर होते ही लगता है की कमी आगई जीवन में ।। वहन है मेरी , है ईश्वर समान । चाहे कुछ भी हो , हर वक्त रखती है बो मेरा ध्यान ।। काश में भी होता उसके जितना समझदार । नही करता कभी लड़ाई में हद पार ।। मां है दूसरी किंतु है जरा सी कठोर । गुस्सा में भी प्यार दिखता है , ऐसी है हमारे प्यार की डोर ।। कोन कहता है की करते है हम लड़ाई । नही सब झूठ है, लड़ाई में भी कर देती है बो मेरी बड़ाई।। बो प्यारी है और कोयल सी है उसकी बोली । किंतु होजाए अगर मुझसे भूल , तो बनना पढ़ता है मुझे भींगी बिल्ली ।। प्यार प्यार प्यार अब और क्या मैं बताऊं । शब्द नहीं मिल रहे अब और क्या में जताऊं ।। बहन है मेरी , मिलने की होती है इच्छा , तेरे बिन रोना आ जाता है, केसे बताऊं भाई तेरा अभी भी है बच्चा 1 पीस कुट्टू खा कर खिला देती थी पूरा पारले , अब केसे बताऊं , याद आते हैं उसके दाल बाफले ।। कोन सा मंत्र पढूं मिल जाए मेरी बहन , केसे बताऊं अब और नहीं होता सहन ।। भाई तेरा बच्चा , बात करें बिन नही होता कोई काम । हे बहन मेरी दूजी मां ! तुझे सत सत प्रणाम ।🙏 ~ चेतन शर्मा ।
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