sister
बैठा लिखने ✍️तुम्हारे लिए जो सारा जहां🌍 है हमारे लिए कलम ने पहले तुम्हे तारीफों👏 से नवाजा जिसकी खुशी🙂 है हमारा सहारा फिर कलम तुम्हारी आवाज़🗣️ सुनी जैसे जादू या कोई सुर रूहानी कलम ने फिर तुम्हारी आदतें बताई जो करती बस मुझसे लडाई बहन👧 है तू मेरी, बनी रहती माँ की परछाई सही गलत का है जिसे ज्ञान📒 जब वो रूठे तो रूठे सारा जहां चाय से जो करती प्यार❤ माँ, मैं और चाय☕ इसका संसार मेरी तकलीफ मे भी वो हिस्सा मांगती हमेसा मुझपर हुकुम चलती कलम को थोड़ा रोना🥺 आया डर है उसे दूर ना होजाए बहन का साया कलम की खत्म होगयी स्याही✍️ जिस दिन होगी तेरी विदाई😥 कैसे खुद उस दिन रोक पाऊंगा कैसे दिल💙 को मैं संझाऊँगा उस दिन तुमसे थोड़ा दूर रहूँगा नज़र 👀ना आउ बस ये कोशिश करूँगा अकेले किसी कोने मे बैठे कर तुझे देखता 👁रहूँगा मै कितना रोया 😭ये किसी से ना कहूंगा, शायद याद तुम्हे वो बचपन🧒👧 होगा तुम्हारे पास दिया मेरा कंगन होगा भूल ना जाना इस भाई🧒 को जो पूजता🙏 तुम्हारी परछाई को
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