किरीट सवैया,[आठ भगन(SII)]
आग लगी इस जंगल में जब, प्राण बचाकर भाग चले सब। बाघ सियार विलाव व शावक, दुश्मन मित्र सभी बन धावक। फुर्र हुए सब दूम दबाकर, आहत होकर जान बचाकर। चीख पुकार लगे करने सब, राहत हेतु पुकार उठे रब। 30.06.2024
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