Samj gya hoon mai
तुझसे जो ना मिल पाया मैं तो शायद थोड़ा बेहतर हो गया हूं मैं, कुछ बिगडे मेरे काम कुज हुए ठीक, जिंदगी के सफर को अच्छे से समझ गया हूं मैं। कोई भी दुनिया मैं माहिर नहीं होता जे भी समझ गया हूं मैं, दिल मांग रहा है अब भी तुझको, लेकिन तुझे पाने की औकात नहीं शायद दिमाग से समझ गया हूं मैं। Soulfeeling1
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