पेड़ रोपs(गीत)(16,13)
एगो पेड़ लगा दs अप्पन, माई जी के नाम हो। ई से बड़ पुन मिलत तोहरा, निम्मन हे ई काम हो।।2 लगइहs बरगद पिपर पाकड़, निमिया मोहर आम हो। रोज-रोज पटइहs एकरा, सुबहे भी अउ साम हो।। रुख बिरीख हको इहाँ जबतक, बचल हको ई जान हो। हको एकरे पर थमल टिकल, ई तो सगर जहान हो।। काटs कोय पेड़ कब्बो नै, होतो बड़ नुकसान हो। पेड़ खतम होतो तो समझs, धरा होत वीरान हो।। एगो रुख रोपs तू अप्पन, बाबू के भी नाम हो। जीते जी करs अप्पने से, अइसन पुन के काम हो।। एगो पेड़ लगा दs अप्पन, पुरखन के भी नाम हो। पइबs तू बड़ जस दुनिया में, निम्मन हे ई काम हो।।2 नरेंद्र सिंह, अतरी, गया 05.06.2025 पर्यावरण दिवस
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
