शिव दिहs धेयान
जय जय जय शिव शंकर ईश देवा। देवों के देव हे तू महदेवा।। आशुतोष रूद्र हे औढरदानी। आदि नै अंत हे तोहर कहानी।। हे हर-हर बम-बम नंदी सवारी। गंगा जटा में मनुज मुंडधारी।। भाल पर चाँद अउ बिसधर गियारी। देहिया में रगड़ल भभूत कारी।। बाघ के छाल से ढक्कल बदनमा। निरविकार रहे हरमेसे मनमा।। भांग धतुरा तोहरा लगय रुचिकर। निवास एकांत रहय कैलास पर।। रछक सबके ह शम्भू त्रिपुरारी। गौरीसुता हथ तोहरे पियारी।। भूत वैताल अउ गण तोर संगी। भैरव वीरभद्र मणिभद्र श्रृंगी।। नमन हम्मर हे शिव शक्ति शिवा के। रखथी हमरा पर किरपा बनाके।। नरेंद्र सिंह 03.06.2025
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