शीर्षक :मगही के मान रखs
नैय परोसs भौंडा गीत-गान, मगही के पवितर बनल रहे दs। रखs एकर मरजादा बना के, देवतन के भासा तो कहे दs।। गावs खूबे जइसन भी गावs, मगहिये में धूम मचावल जाइ। रखके धेयान बहू-बेटी के , मगही के इज्जत बढ़ावल जाइ।। सुरलय फुटय कंठ से बड़ निम्मन, कइसनो राग तू छेड़इत रहs । करs मगही मईया के सेवा, एकर नइया तू खेवइत रहs।। जा के दिल्ली में कुछ दिन रहके, तेरे को मेरे को नैय करs। माटी के बानी बोलs सगरो, उहों पर मगही के जय जय करs।। माटी माय अउ मात भासा के, जरीको नै कहूँ उपहास करs। आदर जुकुर हे तीनों हमेसे, एकर उथान ल परयास करs।। नरेन्द्र सिंह, अतरी, गया
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