बेटी बचाबs
बेटी बचाबs बेटी पढ़ाबs, ई नै खाली लिखल नारा रहे। एकरा पर सभे अमल भी करs, इहे बड़ धयेय जग सारा रहे।। बेटी मार बहू कइसे पइबs, ई बतिया पर सभे बिचारs हो। बेटी हीं तो संसार बसाबे एकरा नैय कउनो मारs हो।। बिनु बिटिया के घरवा लगय सुना, ओकरे से अंगना सोभs हे। जेकर घर में नै एको बिटिया , ओकर घर में भुतनी रोबs हे।। बेटा-बेटी में भेद नै करs, दुनों के एके नियन ही मानs। बेटबा से कम नै हे बेटिया, ई महता के सभे तनी जानs।। बेटी भी करs हे रोसन नाम, एकरो मन लगा खूब पढ़ाबs। एहु कुल के बड़ी नाम बढ़इतो, बेटी के आगे सभे बढ़ाबs।। बेटी बचाबs बेटी पढ़ाबs, ई नै खाली लिखल नारा रहे। एकरा पर सभे अमल भी करs, इहे बड़ धयेय जग सारा रहे।। नरेन्द्र सिंह, अतरी, 19.04.2025
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