सरसती के वंदना करs
सरसती के करs वंदनमा, आझ बसंत पंचमी दिनमा। करs सभे माय के भजनमा, आझ बसंत पंचमी दिनमा।। माय के हाथे, विना सोहे, उजर बसनमा मनमा मोहे। बइठल मैया,हंस सवारी, अइला हे पुजारी दुआरी।। गहs सभे माय के चरनमा, त मिलतो हठुआ भर गयनमा, सभे करs इनखर अरचनमा, करथू ई विद्या के दनमा।। करs सरसती के वंदनमा। आझ बसंत पंचमी दिनमा।। नरेंद्र सिंह, गया 03.02.2025 .
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