मगही से करs पिरितिया
मगही भसवा सबसे महान हो, एकर जानs बड़ इतिहसवा। ई भासा हे बहुते त पुरान हो, एकर जानs बड़ इतिहसवा।। ई फईलल हल सगरो जहान हो, फिनु एकर अब होवे विकसवा। मिलइ फिर बढ़िया मुकाम हो, मगही माय पाबय फिनु रुतबा।। , असोक के बेटी अउ बेटबा, दुनों गेला हल लंका देशवा। महेंदर संघमितरा भाय बहिनीया, जा के देलक मगही में उपदेशवा।। मगही के समझs सभे सान हो एकर नै होवे तनी उपहसवा। मग़ही माय के करs गुनगान हो, एकर बनके रहs सेवकवा।। चाहे दिल्ली मुंबई भोपाल में, बोलs मगही जहवां निबसबा। रहs चाहे तू बंगाल नेपाल में। भूलिहs नैय अप्पन रिबजबा।। हरमेसे रखs मगही के मान हो, सभे कोय बनs खाटी मगहिया। खूबे लिखs मगही में गीत गान हो, ई भासा से करs सभे पिरितिया।। मगही भसवा सबसे महान हो, एकर जानs बड़ इतिहसवा। ई भासा हे बहुते त पुरान हो, एकर जानs बड़ इतिहसवा।। नरेंद्र सिंह, 22.04.2025
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