मस्ती में जियs
मरेला तो मरवे करवs, भला कउन रोकतो, कोय धरती पर बचल हे का। पर जबे तक बचल हs, मस्ती में जिअल करs, जउन हाल में रहs, हरमेसे खुस रहल करs। जेकरा हय ओहु, जेकरा नय हय ओहु, ख़ालिये हाथ जात, दु फिट कफने ओढ़ावल जात। त जे हे ओकरे में, सनतोस कइल करs, खुस रहल करs, मस्ती से जियल करs।। हम्मरा हे तोहरा नय, एकरा हे ओकरा नय, ई हे ऊ नय, नय कइल करs, जे हे ओतने बहुत हे, ई मन में सकारल करs। घिरीना,दुराव, मुंह बिचकाव, कड़वाहट के भाव, मुंह फुलावन, जहर फैलावन, सभे दूर करs, दुए दिन के जिनगी हो, ओहु उधार के हो। त जबे तक जिन्दा हs मस्ती से रहल करs ढंग से जियल करs अप्पना से बड़का नय देखs छोटकन के देखल करs। जहाँ रहs सभे ओकरा सरग बनावल करs। नरेंद्र सिंह, गया 12.03.2025
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