rebalian
मैंने उन्हें रोता देखा अपने सपनों को पीछे कर आगे पैरों को कुचलता देखा। भ्रम था मेरा कि उनके अरमान नहीं है मछली की चाह में मैंने उन्हें सीपी के मोती सा डुबता देखा।। किराए के बस्तियों में बूझता देखा गांव की उस हरी घास को मैंने शहरों में सूखता देखा बस!मैंने उन्हें हंसता देखा।।
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