rafta rafta✨
मिलो ना कभी मिलो ना कभी के तुमसे दो बात बोल दूं, खुद से जो कहता हूं वह राज में खोल दूं । यह इश्क है, मोहब्बत है, ना जाने और क्या है, ख्यालों में, इन राहों में, बस उनका चेहरा है । मिलो ना, मिलो ना के खुद को हम अब खोते जा रहे हैं तन्हा इन रातों में, रफ्ता रफ्ता तेरे होते जा रहे हैं ।
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