PROPOSE DAY
आज करूं इज़हार... तुझे सोचा तब , मैंने लिखा तुझे देखा तब , मैंने सिखा ।। प्रेम सुना था , पर तुझसे समझा ये दीवाना पन अब जाके झलका ।। कैसे कहूं कि तुमसे अब आकर्षण नहीं बल्कि तुम ही अब चाहत बन गए हो ।। जैसे लिखना मेरा शौक नहीं पर , अब शब्द पिरोना सिख रहा ।। प्यार किया हैं तो निभाऊंगा, इज़हार किया है तो अपनाऊंगा ।। बस अब..... मेरी प्रेमिका मेरी आदत नहीं मेरी दिनचर्या बन जा ।। • मेरी अभिलाषा
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