...PaGdU...
...कुमार-राणा परिवार का ...बडा दिया जो जल रहा ...परिवार के लिए ...ख्वाहिश अपनी जो है ...अपने भाईयों के लिए ...न सोचता कभी अपने लिए ...बस्स सोचता परिवार के लिए ...कितनी राते काटी अकेले ...जग के उसने है ...कैसे सफर तै अब किया उसने हैं ...बस्स उसकी बांते सुनकर ...दिख गया सारा बचपन ...उसके आंखो में हैं ...खुद दुख में रहकर ...चला बांटने खुशियां ...परिवार वालों को हैं ...मैं कितनी खुशनसीब हूं ...जो तुम मेरे पास हों ...मेरे साथ हों!!! ♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡ SoRaje☆☆
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