क्या जीत है, क्या हार है|
है जंग तेरा वक्त से, हथियार तेरी चाह है| हर पल में तेरी जीत है, हर पल में तेरी हार है| यह चक्रव्यूह है जिंदगी, स्वाभिमान आज बलिदान है| हर पल में तेरी जीत है, हर पल में तेरी हार है| मुश्किलों के अक्ष हर पल है तुझे बांधती, सोच तेरी बान है ब्रह्मास्त्र बस "समाधान" है| हर पल में तेरी जीत है, हर पल में तेरी हार है| शंका है अब शकुनी तेरा, पर कृष्णा भी अहंकार है| हर पल में तेरी जीत है, हर पल में तेरी हार है| व्यक्तित्व तेरा कल है, आज बस इतिहास है| हर पल में तेरी जीत है, हर पल में तेरी हार है| तू हार के भी जीत जा, तू सूर्य का विश्वास है| हर पल में तेरी जीत है, हर पल में तेरी हार है|
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