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मुझे गर्व है अपने मां-बाप पर जिन्होंने इतने अच्छे संस्कार मेरी जिंदगी में पिरोया है , इज्जत ,महान ,सम्मान आधार, बोलना, बर्ताव, हर चीज को बड़े बारीकी से मेरे जीवन मे उतारा है । ना घर है। ना जमी है। पर मुझे गर्व है। अपने आप पर, माता-पिता के प्यार पर जिन्होंने पैसों से ज्यादा रिश्तो की अहमियत दिखाई , किसी को दुख पहुंचा कर चलना नहीं सिखाया, बड़ों को जवाब देना नहीं सिखाया , कहते हैं हर चीज की सीमा होती है, और वक्त आने पर, हर सवाल का जवाब नियति खुद देती है।।
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