nana ji
नाना जी बूढे हो रहे हैं , बालों में सफ़ेदी है.. चाल में थोड़ी थकान। पर दिल? आज भी वैसा ही मजबूत है, जैसे जब वो सरहदों पर खड़ेथे। कभी-कभी वो चुप हो जाते हैं, टीवी की आवाज में खुद को खो देते हैं। पर मैं देखता हूँ उनकी ऑँखों में एक हल्की सी नमी, शायद किसी पुराने दिन की याद. या कोई ऐसा दर्द जो कभी कहा ही नहीं। उनके गुस्से के पीछे छुपी एक दुनिया है ,जहॉँ उन्होंने सब खोकर सिर्र हमें पाया। जहॉ उन्होंने हँसते हुए वो सब सहा, जो शायद हम सोच भी न सकें। नाना जी आपकी डॉँट hamare लिए सबसे प्यारा एहसास है, क्योंकि उसमें वो 'बिना कहे जताया गया प्यार' है- जिसे दुनिया समझ नहीं सकती. पर hum महसूस karte हँ.. तो डॉटते रहिए, गुस्सा कीजिए, क्योंकि जब तक आप ऐसा करते हैं, मुजे यकीन रहता है कि मैं अब भी आपके सबसे करीब हूँ! जिंदगी की हर राह में चलना सिखाया, जब जब थे अकेले उन्हें साथ पाया , पर बड़े दुख ki बात है जिस इंसान ने सबको समजा, उसे कोई समझ ना पाया! एक वक्त था.. जब सब अधूरा लग रहा था, मैं गिरा था, हारा था, आसमान जैसे मुझ पर टूट पड़ा था। कभी-कभी तो खुद से भी डर लगता था, आईना भी सवाल करता था "तू कौन है अब? लेकिन.. उस सन्नाटे में एक आवाज आई - धीमी, पर सबसे मज़बूत. "में हूँ तेरे साथ, बेटा.. कंधे पर हाथ रखा, कुछ नहीं कहा, पर उस चुप्पी में पूरी दुनिया की ताकत थी।
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