N
वो रखते है खबर मेरी, मैं हर पल उनकी नज़र में रहता हूं । वो चलते है संग मेरे, मैं हर पल उनकी शरण में रहता हूं । वो रहते है कलेवर में मेरी, मैं हर पल उनके आसरे में रहता हूं । वो लेते है परीक्षा मेरी, मैं हर पल उनके सवालों में रहता हूं । वो रचते है नियति मेरी, मैं हर पल उनके कर्म में रहता हूं । वो छलकाते है अश्रु पीढ़ा में मेरी,मैं हर पल उनके विरह में रहता हूं । वो पढ़ते है मन की व्यथा मेरी, मैं हर पल उनके स्वप्न में रहता हूं । वो रखते है खबर मेरी, मैं हर पल उनकी हृदय में रहता हूं ।।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
