Musafir
तुमसे मिलने से लेके, मुसआफिर होते तुम तक का सफर तुम्हारे हर पहलू से प्यार कराता है मुझे वो अनजान से तुम्हारी प्रेमिका बनने का सफर मुझ में कई रंग भर गया मेरे खालीपन को भर गया वो मेरे अस्तित्व को पूरा कर गया लोग पूछेंगे कौन था वो, कोई छलिया या बहरूपिया मैं कहूंगी एक मुसाफिर था जो अपनी प्रेमिका पहचान दे गया है मुझे।। - Neha🧿
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