mera pyara gav
बहुत प्यारा लगता है ,मुझे मेरा वो गाँव , खेत -खलिहान और महारानी स्थान वाले छांव! बहुत पसंद है ,मुझे मेरे गाँव का वह तालाब, जहाँ सीढिया पर बैठने से दूर हो जाते सारे तनाव! अत्यंत मनमोहक है,मेरे गाँव का वह बगीचा , जहाँ खेलने पर हर नवयुवक बन जाता एक बच्चा! प्रशंसनीय है,मेरे गाँव की वह पावन धरती , जहाँ किसान उगाते सोना चांदी जैसी फसल सच्ची! मेरे गाँव में विराजते है, डिहवाल बाबा महान , पत्थर की मूर्ति में दिखता उनका दिव्य सम्मान! मेरे गाँव में है, जंगल जैसे दरपा और लिलतारी , जहाँ की बैर खाकर बीती हम सब की बचपन की बारी! हमारे गाव के रछक कहे जाते हैं बजरंगबली, उनकी कृपा से रहती हर मुस्किल हमसे टली! और क्या कहना मेरे गाँव के उन लोगों का, छोटी छोटी बातों में बट गया अपनापन रिश्तों का! आओ फिर से मिलकर प्रेम का दीप जलाये, भेदभाव भुलाकर एकता की गीत गाए! साथ रहेंगे तो हर मुस्किल आसान हो जाएगी, मिलजुल कर ही रहने से गांव की पहचान बच पाएगी! सबसे अनमोल होता है अपनों का साथ निभाना ये था हमारा प्यारा सा गांव महना ! रजनीश की कलम से!.......... धन्यवाद!
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