love should not be blind..
हंसते हुए से अंजाम पर मुलाकातों की मुस्कान है निभाई का नहीं, इश्क़ बस कहने भर का आसान है। जिनके कहे पर रहते है जिनके वादों पर जीते है, उनसे कह दे कोई उनके लफ़्ज़ों से दुनिया हैरान है। वो जुदाई नहीं चाहता पर मुलाकात भी नहीं करता इन बेदिल इंसानों से मै क्या ज़माना परेशान है। अलहदा है उसका अंदाज़ नजरअंदाज करने का, चेहरे से परियों की रानी है पर अंदर एक शैतान है। बहुत फिक्रों में रहता है आजकल पता नहीं किसकी मैं तो बेफ़िक्री हूं, उसकी फिक्रों का अलग जहान है। -sb
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