💐♥️माँ ♥️💐
माँ तू तो ईश्वर से भी बड़ी हैं इसलिए तू माँ हैं ! तेरी प्यार तो गंगा की धारा है जो अनवरत बहती रहती है ! तेरी ये दामन चमन से भी बढ़कर हैं, इसलिए तो इस में स्नेह ममता का संगम हैं ! आज मेरे पास कुछ नहीं हैं तुझको देने के लिए शिवाय दो बुंद आंसुओं के । जो भी हूँ आज तेरा आशीर्वाद से हूँ, तेरे लिए तो आज इस दुनिया में मेरा पहचान हैं ! फिर भी बन ना सकूंं तेरा सहारा तो भी कभी नहीं करना मुझको बेसहारा, क्योंकि तेरे सहारे से आज मैं जिंदा हूँ ! जिंदगी पल दो पल का मेहमान हूँ !! अगर मैं तुझसे कभी रूठ जाऊँ तो तू मुझसे कभी नहीं रूठना, तेरी आँचल से कभी जुदा न होने देना ! - सुरेश चन्द्र बढ़ेइ
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
