Love
मुझे उससे मोहब्बत है उसके जिस्म से नही मैं उसके बदन के तिल क्या गिनता मुझे तो उसकी आंखों से फुर्सत नहीं वो कैद तो करे अपनी बाहों में रवि ओर कही फिर जाएगा नहीं
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