Lost Connection
टूटकर भी ना टूटे यह कैसा रिश्ता है अगर साथ छूटना ही था तोह क्यों दिल मे गलत होने का सवाल उठ उठ कर आ रहा खेल खेल मैं कब यह बात इतनी आगे बढ़ गई वो कहीं सुनी बातें क्यों सच लगने लगी जिस हिम्मत की मिसाल दी जाती थी वह क्यों खोजने से भी न मिल रही दिल में इतना गम लिए कैसे हम मुसैरकते हुए दिन गुज़ारे। जब दुनिया ठग गयी क्यों उस एक के शब्दों ने ऐसा बिखेर दिया क्यों दिल खुद से ही सच ना बोल पा रहा
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