life
तुम्हारा नाम मेरी सांसों में ऐसे बसा है जैसे, किसी सूखी जमीन पर पहली बारिश की महक हो। जैसे भोर की पहली किरण ओस को चूमती है, या जैसे किसी शांत झील में चाँद की चहक हो। तुम वो अहसास हो जो धड़कन बनकर चलता है, मेरे वजूद के हर ज़र्रे में तुम्हारा ही नूर ढलता है। न ये इश्क़ पुराना होगा, न ये दीवानगी कम होगी, मेरी रूह की हर दुआ अब बस तुम्हारे नाम से मुकम्मल होगी।
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