Kya हैं इश्क?
Kya hai ishq ? इत्र की जो खुशबू है , खुशबू। में जो सादगी है ,जो सादगी अपना दीवाना banale wo दिवानगी hai, इश्क काफ़िर को नमाज़ी बना दे। इश्क़ काफ़िर को नमाज़ी बना दे इश्क रस्मो रिवाज़ो से बगावत करा दे ऐसा जिद्दी हैं इश्क जब बात मैं से hm पे ajaye और कोई अपना सा लगने लग जाए ऐसा अनकहा अहसास है इश्क।
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