kumar vishwas
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है ! मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !! मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है ! ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!
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