kuch बाते khudki bhi kre kya?
कभी कभी लगता है सबसे ज्यादा मुश्किल हैं खुदको खुश रखना क्युकी लोगोको हसाना आसान लागता है.... पर अगर वही बात खुदकी आये तो सोचने लगते है... क्या करू क्या अच्छा लगेगा ये करू या वो फिर चुप हो जाते हैं.... क्यूकी खुदको भुल गये हम सबको खुश रखते रखते......
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