Kaith words...
माना की कुछ अंधे थे जिनको आया ना मे पहचान में .... पर वो क्यूँ अँधेरे में रह गए... प्रीतम, जिन्हे खुद से भी ज्यादा प्यारे थे हम जान से... By:-Pritam kaith..
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