Jai Jagannath Mahaprabhu 🙏
भूल बैठे जब तुम स्वयंभू को, अपने संगी संग तुम्हारे द्वार आ गया। छप्पन भोग क्या परोसोगे उसको, वो तो निर्मल मन का प्रसाद पाने आ गया। अक्सर शिकायत करते हैं लोग, कि हम ही मिलने जाते हैं उसको। देखो न, जगन्नाथ महाप्रभु भी मंदिर से निकलकर, आज स्वयं तुम्हारे पास आ गये।
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